शुक्रवार, 15 मार्च 2013

KAVYA SUDHA (काव्य सुधा): चाँद की ख्वाहिश

KAVYA SUDHA (काव्य सुधा): चाँद की ख्वाहिश: कल रात चाँद मेरे घर आया , हुई दरवाजे पे दस्तक , खिडकी पे नज़र आया. नज़रें मिली मुझसे , थोडा शरमाया , कहा मुझसे मुझे अपने घर... Blog parivaar

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